Vivek Devadiya
Vivek Devadiya

हमारी माँगे
1. आपको तो विदित ही है कि गिरनार पर्वत पर वर्ष 2007 से दत्तात्रय की मूर्ति जबरदस्ती नये.
रूप से रखी गई है। पूर्व में वहां पर जैनधर्म के अलावा किसी भी तरह का कोई मूर्ति या.
चिन्ह अन्य धर्म का नहीं था। हमारी मांग है कि उस मूर्ति को तथा अन्य चिन्हों को वहां.
से हटाया जाए।.
2. कोर्ट के 2005 के स्टे आॅर्डर (Stay-order) के बावजूद भी वहां पर नवनिर्माण किया गया है,
स्टे आॅर्डर (Stay-order) को लागू किया जाए।.
3. गिरनार का यह सिद्धक्षेत्र गुजरात सरकार के संरक्षिक स्मारकों (Protected...

हमारी माँगे
1. आपको तो विदित ही है कि गिरनार पर्वत पर वर्ष 2007 से दत्तात्रय की मूर्ति जबरदस्ती नये.
रूप से रखी गई है। पूर्व में वहां पर जैनधर्म के अलावा किसी भी तरह का कोई मूर्ति या.
चिन्ह अन्य धर्म का नहीं था। हमारी मांग है कि उस मूर्ति को तथा अन्य चिन्हों को वहां.
से हटाया जाए।.
2. कोर्ट के 2005 के स्टे आॅर्डर (Stay-order) के बावजूद भी वहां पर नवनिर्माण किया गया है,
स्टे आॅर्डर (Stay-order) को लागू किया जाए।.
3. गिरनार का यह सिद्धक्षेत्र गुजरात सरकार के संरक्षिक स्मारकों (Protected Monuments) के.
अधीन आता है अतःएव हमारी मांग है कि वहां पर तथा उसके आसपास कोई भी लोगों को.
रहने नहीं दिया जाए। आसपास जो लोग रहते हैं वे ही लोग जैन यात्रियों को तंग.
करते हैं और यातना देते हैं। Protected Monuments के आसपास कोई रह नहीं सकता ऐसा.
कानून है, उसे लागू किया जाए।.
4. चरणचिन्ह के पास में बंडी कारखाने, (दिगम्बर जैनों) के द्वारा छत्री बनाई गई थी, उसका.
जीर्णोद्धार उन्हीं के द्वारा कराया जाना था। वही परम्परा वर्तमान में भी रखी जाये।.
5. चरणों के पास में जो भी जैन यात्री जाते हैं उन्हें अभिषेक, पूजा और अर्चना आदि करने.
की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।.
6. हमारी मांग है कि जिन लोगों ने मुनिश्री पर कातिलाना हमला किया है उन्हें.
कठोर से कठोर दण्ड दिया जाए।.

उपरोक्त मांगों को मंजूर कराने के लिए हम लोग पूरे देश में अपनी सुविधानुसार अपने सब व्यापारिक प्रतिष्ठान बन्द रखें तथा अपनी मांगों का विरोध पत्र निम्नलिखित लोगों को देंवेः-
1. राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री जी को।.
2. मुख्यमंत्री या राज्य के अन्य मंत्री जो उपस्थित हों।.
3. जिला कलेक्टर।
4. एस.डी.एम. या अन्य पदाधिकारी को।.
5. देश की प्रमुख राजनैतिक पार्टियों को।.
इस कार्य के लिए यदि वहां पर कोई बड़े मुनिसंघ उपस्थित हों तो ऐसी विरोध सभा उनके.
सानिध्य में की जाए और यदि मुनिसंघ उपस्थित न हो तो अन्य प्रतिष्ठित लोगों के सानिध्य में सभा की जाए जिसमें समाज की सभी शैलियों, युवा संगठनों, महिला संगठनों एवं सकल जैन समाज से अनुरोध है कि कृपया इस संकट की घड़ी में सम्पूर्ण जैन समाज एकत्रित होकर अपनी शक्ति का.
प्रदर्शन करते हुए सरकार को विरोध दर्ज करायें जिससे उनमें अपनी प्राचीन जैन संस्कृति एवं.
साधुओं की रक्षा करने की भावना बलवती हो।.

Sudhath Jain
Sudhath Jain

Deeply hurt by this heinous crime....

Krishney Jain
Krishney Jain

Jaggo Jain Jaggo......... Jai Jinender.. Jai Girnar... Jai Muni Sant.

Rabindra Sethi
Rabindra Sethi

my suggestion to jain mahashaba to provide proper security to all jain muni and mataji when they are on vihar

प्रवीण जैन

जैन युवा शक्ति जागेगी तभी जैन धर्म के अस्तित्व को बचाया जा सकेगा. अहिंसा का आशय कायरता कतई नहीं है जो हम सब मान बैठे हैं. हमारे नेता लोग राजनीति में उलझे हैं अभी तक कोई भी प्रधानमंत्री से या नरेंद्र मोदी से मिलने नहीं गया. हम किस बात से डर रहे हैं. क्या अधिकारों की माँग करना गुनाह है. क्या कोई हमला करे तो विरोध करना उसे रोकना गुनाह है. भले ही गुनाह हो मैं विरोध करूँगा और पुरजोर विरोध करूँगा. जैनी का जीवन तीर्थंकरों, मुनियों और जिनवाणी के काम ना आये तो व्यर्थ है. धिक्कार है ऐसे जीवन पर.

Vinit Raval
Vinit Raval

whatever happened to muniji it should stopped all the way Jainism is because of there gurus and acharya jain people always teach everyone how to live in good manner. I have also learned so much from them and I believe in Jainism and will foe ever.

Jain Chhajer
Jain Chhajer

बीकानेर 4 जनवरी। जैन महासभा, बीकानेर ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन भेज कर खेद व्यक्त किया है कि इस नव वर्ष का प्रारम्भ गुजरात जैसे धर्मपरायण क्षेत्र में अच्छा नहीं हुआ। जैन तीर्थंकर नेमिनाथ के निर्वाण की पावन भूमि गिरनार में दिगम्बर जैन मुनि श्री प्रबलसागर जी को चाकुओं से गोद दिया गया। इसके साथ ही भरूच के पास मुनि श्री ध्यानषेखर विजय जी एवं मुनि श्री हस्तगिरि विजय जी को सड़क के किनारे चलते हुए पीछे से ट्रक चालक ने लापरवाही से कुचल कर मार दिया।.
महासभा के अध्यक्ष इन्द्रमल...

बीकानेर 4 जनवरी। जैन महासभा, बीकानेर ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन भेज कर खेद व्यक्त किया है कि इस नव वर्ष का प्रारम्भ गुजरात जैसे धर्मपरायण क्षेत्र में अच्छा नहीं हुआ। जैन तीर्थंकर नेमिनाथ के निर्वाण की पावन भूमि गिरनार में दिगम्बर जैन मुनि श्री प्रबलसागर जी को चाकुओं से गोद दिया गया। इसके साथ ही भरूच के पास मुनि श्री ध्यानषेखर विजय जी एवं मुनि श्री हस्तगिरि विजय जी को सड़क के किनारे चलते हुए पीछे से ट्रक चालक ने लापरवाही से कुचल कर मार दिया।.
महासभा के अध्यक्ष इन्द्रमल सुराना ने बताया कि ज्ञापन में मुख्यमंत्री मोदी से आततायिों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने व गिरनार क्षेत्र को अतिक्रमणों से मुक्त करवाने के लिए सक्ष्म कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है। महामंत्री जैन लूणकरण छाजेड़ ने बताया कि ज्ञापन में लिखा गया है कि जैन समाज को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जावे व मन्दिरों तथा पूजा स्थलों की पावनता सुनिष्चित की जावे। इसके साथ ही ज्ञापन में वाहन चालकों की लापरवाही से सड़क दुर्घटनाओं में पैदल यात्रा करने वाले जैन साधु साध्वियों को चपेट में ले लेना आम बात हो गई है। इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही होना आवष्यक है। अहिंसक, पदविहारी, त्यागी एवं चरित्र सम्पन्न जैन साधु साध्वियों की समाज में विषेष महता का उल्लेख करते हुए उनकी समुचित सुरक्षा व दोषी व्यक्तियों के खिलाफ शीघ्र कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने का व भविष्य में समुचित सुरक्षा सुनिष्चित करने के लिए उपाय करने का अनुरोध किया गया है।.

प्रवीण जैन

we demand CBI probe into all road accidents and attack on Muni Prabalsagarji Maharaj.

Narendra Hundia
Narendra Hundia

galti ham sab jaino ki hai dikhave or adamber ke nam per karodo ka kharcha jaha ek mandir ki jarurat hai waha 5 mandir banana lokal logo ka sath nahi lena khane pine me phijul kharcha to prinam to bhugatna hi hai.

Ganesh P Jain
Ganesh P Jain

GUJRAT GOVT. SHOULD PROVIDE SECURITY TO JAIN MUNI AND PILGRIMS......

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