Arvind Kumar Jain
Arvind Kumar Jain

we must unit and condemn this kind of acts and strongly react other wise we will be treated as soft target.

Vinod Mehta
Vinod Mehta

It is high time, govt. should take immediate action to protect all sants and guru of all community.

Kirtikumar Doshi
Kirtikumar Doshi

I agree with Ashokji Lunia, however to protect our religion, temples, muni's, sadhviji's we need to protect with all means including raising of a sword, when all peaceful means are exhausted than raising of a sword is pious. We need a decree to be announced by our religious leaders lest we be taken as weak and cowards.

Udank Kumar Jain
Udank Kumar Jain

bade dukh ke sath kahna pad raha hai ki apne sadhu ko bachane ke liye bhagwan mahavir ke ahimsa ke sidhant ko chodkar himsa ke sidhant ko apnana padega.govt.se koi ummid karna bekar hai.

Jenish Shah
Jenish Shah

I would suggest some capable Jain shravaks to develop such a network in Gujarat,Rajasthan,Maharashtra to keep an on track information during padyatra of all maharajsaheb for their safety...

Dinesh Jain
Dinesh Jain

its high time the entire jain community wake up and come together to fight against the evil forces. we jains have to decide how to protect our temples and gurus and the people.
our spending should be wisely used else the days are not far that fools will rule us and mis-use our temples and etc..
jainism and jains have done great things for man kind and for this country, now its time we all come together instead of fighting.

Nitin Sanghani
Nitin Sanghani

Pl. we believe and followed our GREAT MAHAVIRA SWAMI' CULPRINT Jai Jinendra.

Sanghvi Hasmukh
Sanghvi Hasmukh

Security's r more imp for sadhus if we don't do anything it will grow on big scale,

Vivek Devadiya
Vivek Devadiya

हमारी माँगे
1. आपको तो विदित ही है कि गिरनार पर्वत पर वर्ष 2007 से दत्तात्रय की मूर्ति जबरदस्ती नये.
रूप से रखी गई है। पूर्व में वहां पर जैनधर्म के अलावा किसी भी तरह का कोई मूर्ति या.
चिन्ह अन्य धर्म का नहीं था। हमारी मांग है कि उस मूर्ति को तथा अन्य चिन्हों को वहां.
से हटाया जाए।.
2. कोर्ट के 2005 के स्टे आॅर्डर (Stay-order) के बावजूद भी वहां पर नवनिर्माण किया गया है,
स्टे आॅर्डर (Stay-order) को लागू किया जाए।.
3. गिरनार का यह सिद्धक्षेत्र गुजरात सरकार के संरक्षिक स्मारकों (Protected...

हमारी माँगे
1. आपको तो विदित ही है कि गिरनार पर्वत पर वर्ष 2007 से दत्तात्रय की मूर्ति जबरदस्ती नये.
रूप से रखी गई है। पूर्व में वहां पर जैनधर्म के अलावा किसी भी तरह का कोई मूर्ति या.
चिन्ह अन्य धर्म का नहीं था। हमारी मांग है कि उस मूर्ति को तथा अन्य चिन्हों को वहां.
से हटाया जाए।.
2. कोर्ट के 2005 के स्टे आॅर्डर (Stay-order) के बावजूद भी वहां पर नवनिर्माण किया गया है,
स्टे आॅर्डर (Stay-order) को लागू किया जाए।.
3. गिरनार का यह सिद्धक्षेत्र गुजरात सरकार के संरक्षिक स्मारकों (Protected Monuments) के.
अधीन आता है अतःएव हमारी मांग है कि वहां पर तथा उसके आसपास कोई भी लोगों को.
रहने नहीं दिया जाए। आसपास जो लोग रहते हैं वे ही लोग जैन यात्रियों को तंग.
करते हैं और यातना देते हैं। Protected Monuments के आसपास कोई रह नहीं सकता ऐसा.
कानून है, उसे लागू किया जाए।.
4. चरणचिन्ह के पास में बंडी कारखाने, (दिगम्बर जैनों) के द्वारा छत्री बनाई गई थी, उसका.
जीर्णोद्धार उन्हीं के द्वारा कराया जाना था। वही परम्परा वर्तमान में भी रखी जाये।.
5. चरणों के पास में जो भी जैन यात्री जाते हैं उन्हें अभिषेक, पूजा और अर्चना आदि करने.
की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।.
6. हमारी मांग है कि जिन लोगों ने मुनिश्री पर कातिलाना हमला किया है उन्हें.
कठोर से कठोर दण्ड दिया जाए।.

उपरोक्त मांगों को मंजूर कराने के लिए हम लोग पूरे देश में अपनी सुविधानुसार अपने सब व्यापारिक प्रतिष्ठान बन्द रखें तथा अपनी मांगों का विरोध पत्र निम्नलिखित लोगों को देंवेः-
1. राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री जी को।.
2. मुख्यमंत्री या राज्य के अन्य मंत्री जो उपस्थित हों।.
3. जिला कलेक्टर।
4. एस.डी.एम. या अन्य पदाधिकारी को।.
5. देश की प्रमुख राजनैतिक पार्टियों को।.
इस कार्य के लिए यदि वहां पर कोई बड़े मुनिसंघ उपस्थित हों तो ऐसी विरोध सभा उनके.
सानिध्य में की जाए और यदि मुनिसंघ उपस्थित न हो तो अन्य प्रतिष्ठित लोगों के सानिध्य में सभा की जाए जिसमें समाज की सभी शैलियों, युवा संगठनों, महिला संगठनों एवं सकल जैन समाज से अनुरोध है कि कृपया इस संकट की घड़ी में सम्पूर्ण जैन समाज एकत्रित होकर अपनी शक्ति का.
प्रदर्शन करते हुए सरकार को विरोध दर्ज करायें जिससे उनमें अपनी प्राचीन जैन संस्कृति एवं.
साधुओं की रक्षा करने की भावना बलवती हो।.

Sudhath Jain
Sudhath Jain

Deeply hurt by this heinous crime....

See more comments…