हिन्दी हमारा अभिमान

"हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है, हमारे प्राणों की भाषा है, हमारे ह्रदय की पुकार है। इसे अपनाने से हमारी स्वयं की गरिमा बढ़ेगी। हम सभी एक-दूसरे के और निकट हो जाएंगे। हिन्दी बोलने वालों को हीन भावना से नहीं देखना चाहिए, बल्कि उन्हें सम्मान देना चाहिए। जब यह सब…Read More

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