[][] अखूट मरणों-धरणों " [][]

मायड़भाषा री राज मानता सारू अब दिल्ली में "मरणों-धरणों" मंडसी ! गाभा-लता साम्भल्यो ! दिल्ली चालणों है सगळां नै ! हामळ भरो सगळा ! यानी चूगती !
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