Pledge to उत्तराखंड में आपातकाल की घोषणा क्यों

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संसद मे जलजला या महा-प्रलय------?

उत्तराखंड में आपातकाल की घोषणा क्यों नहीं की गई.....?

देश की संसद के ६५ सदस्यों ने अमेरिका के राष्ट्रपति को गुहार लगाईं है की मोदी जी को वीजा ना देने की अपनी नीति को अमेरिका जारी रखे ऐसे में देश के नागरिक के रूप में अपने सांसदों से केवल 5 प्रश्न का उत्तर चाहता हु :-१ - क्या भारत की संप्रभुता का आपने अपमान नहीं किया ?२ -आपने मोदी को वीजा ना देने के लिए गुहार किसी अन्य राष्ट्र से लगाई, ये कदम आपने उस वक्त क्यों नहीं उठाया जब केदारनाथ में महाप्रलय हुवा ...?३ -क्यों आपलोगों ने दुनिया के सामने अपनी लाचारी नहीं रखी,७२ घंटो तक तो आपलोग समझ ही नहीं पाए की घटना कितनी गंभीर है ,माना की प्राकृतिक आपदा को रोका नहीं जा सकता किन्तु ये भी सच है की प्राकृतिक आपदा के कारण जितने लोग मरे उससे ज्यादा लोग सरकार की लापरवाही के कारण मरे ऐसे समय में उत्तराखंड में आपातकाल की घोषणा क्यों नहीं की गई ४ -यदि आपका सूचना तंत्र नष्ट हो गया तो क्यों नहीं आपलोगों ने मदद के लिए दुनिया को आमंत्रित किया ? हज़ारो लोग जो मदद की राह देखते देखते थक गए दुनिया से चले गए ऐसे परिवार के परिवार उजाड़ दिए आपलोगों ने--- क्यों ?५ -देश में सरकार होती तो शायद हजारो परिवार उजड़ने से बच सकते थे किन्तु आज संसद भी जलजले और महाप्रलय में नष्ट हो चुकी है बिलकुल केदारनाथ की तरह इसीलिए हमारे सांसदों ने शायद अब मदद के लिए दुनिया से गुहार लगाई है .....!!!!!आइये साथियो अब इन विषम परिस्थितयो में देश के नागरिक होने का फ़र्ज़ हम जरुर अदा करे ......हम सभी उत्तराखंड की भयानक आपदा और तबाही से अत्यंत दुखी है ,किन्तु इस आपदा के कारणों पे भी हमें सोचना होगा आखिर क्यों हुवा ऐसा भयानक तांडव ...? हादसे के बाद क्या सररकार के कार्यों और आचरण की भी चर्चा ना करें ...?बचाव और राहत कार्यो में की गई घोर लापरवाही यहाँ तक की मृत लोगो के शवों को चील कौवे नोच रहे ...!!!!!! उफ़ ....डेढ़ अरब आबादी वाले इस देश में क्या सरकार नाम की कोई चीज जिंदा बची है ...?जिस मंदिर में गूंजते थे शिव नाम के जयकारे ....The relatives of over one thousand people, who went missing in Uttarakhand's Rudraprayag district after the deluge last month, are running out of patience and planning to visit Kedarnath and Rambada on their own to look for them.With no information coming from the administration about their missing kin, they are preparing to visit Kedarnath and Rambada and scour tonnes of debris lying in these areas in search of the bodies of their relatives so that they can perform their last rites.Over 11,000 people are feared to be still missing in the flash-floods and landslides in Uttarakhand, NDMA ...!!!!FOR DETAIL PLEASE CONTACT VIJAY SONI ADVOCATEMOB-09827155970

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