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जय जिनेन्द्र |

मित्रो ! हम जानते है कि रक्षाबंधन धरम की रक्षा का पर्व है, आपने कई बार सुना या पढ़ा ही होगा किस प्रकार 700 जैन मुनिराजो कि रक्षा हुई थी, आज फिर धर्म के लिए वैसा ही कुछ कर दिखाने का अवसर हमारे पास (सिर्फ हमारे पास) आया है-

घटना इस प्रकार है- पिछले सप्ताह मोक्ष सप्तमी के दिन अलुर (जिला- गुलबर्गा - कर्नाटक) में कुछ समाजकंटको ने आदिनाथ प्रभु की १००० वर्ष प्राचीन जिन प्रतिमा बारूद से तोड़ दी- कई जगह धरने और प्रदर्शन हो रहे है, कर्णाटक में - किन्तु क्या हमें इस मामले में चुप रहना चाहिए- बिलकुल नहीं - आज जो अवसर आया है धर्म रक्षा का, रक्षाबंधन के इस शुभ पर्व पर - आइये हाथ से हाथ मिलाये..धर्म का साथ निभाए..नीचे पढ़े आपको क्या और किस प्रकार करना है |

आपको कुछ नहीं करना है- बस ये नीचे लिखी इ-मेल नीचे दिए गए इ-मेल पतों पर भेजनी है - बस हो गया | एक एक करके नीचे लिखे पांचो ईमेल पतों पर भेज दे या फिर एक साथ भी भेज सकते है | और हा भेजने से पहले ईमेल में अपना नाम और शहर का नाम भी लिख दे ताकि उन्हें पता चले कि जैन हर जगह है और जागरूक भी है |


It was really sad to hear/read the news of desecration of the 1000 years idol of Lord Adinatha (July 25, 2012 - on the holy day of Lord Parshwanath’s nirvan day) in front of the Jain Temple in Allur village of Chitapur taluk of Gulbarga district. We all are shocked-not only Jains but all who read it. After all it was a 1000 years old and very important heritage and also a remembrance of the great past of Rashtrakutas and Jainism.

It is really shame on those miscreants who blasted the idol using dynamite. We request you personally and to the state government to arrest the miscreants and provide security to all Jain centers in the state, especially on such places like Allur where no or very less Jains reside.

Please sir - do the needful as soon as possible- we are already belongs to an abandoned and minority religion- govt must help us to survive us and our heritage. Hoping for the best.

YOUR Name and Address

इन पतों पर भेजना है –

पुलिस अधीक्षक - गुलबर्गा- इ-मेल: [email protected] Ph: 08472- 263602 / 263604 जिनके पास ईमेल नहीं है वो फ़ोन करे कृपया और अपना विरोध दर्ज कराये |

मुख्यमंत्री कर्नाटक- इ-मेल [email protected]
गृह मंत्री कर्नाटक - इ-मेल: [email protected]
कानून मंत्री - कर्नाटक इ-मेल: [email protected]
अल्पसंख्यकमंत्री- कर्नाटक इ-मेल: [email protected]

आपका धन्यवाद् |


Sangeet Kant Jain

This petition closed almost 4 years ago

How this will help

It is required to save heritages and ancient materials...otherwise everyday such incident would occur..... and one day we will lose our Identity as Jain a follower of Ancient religion in the world.....


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