वरिष्ठ कवि यश मालवीय का उत्पीड़न बंद किया जाए
by कवि यश मालवीय का उत्पीड़न बंद हो
हमारे देश का सरकारी तंत्र असहिष्णुता और दमनात्मक कार्यवाहियों में नित नए रेकार्ड स्थापित कर रहा है। आज देश के नागरिकों का कोई भी तबका सरकार के इस अघोषित फासीवादी हमले से अछूता नही रहा है। मजदूरों, किसानों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, विद्यार्थियों के साथ-साथ जन-पक्षधर कलाकारों, रचनाकारों और